Breaking News
मोदी सरकार में बिहार को रेलवे की नई ताकत:रेल बजट नौ गुना बढ़ा,हाईस्पीड कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी
बिहार में जमीन दस्तावेजों का डिजिटल युग:1908 से अब तक की रजिस्ट्री एक क्लिक पर,दफ्तरों के चक्कर खत्म
बजट 2026-27: ‘शी मार्ट’ से जीविका दीदियों को मिलेगा नया बाजार, बिहार बन सकता है महिला उद्यमिता का हब
कैथी लिपि के दस्तावेज अब नहीं बनेंगे सिरदर्द, सरकार ने तय किया रेट और उपलब्ध कराए प्रशिक्षित अनुवादक
समस्तीपुर जिले के अपर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने गणतंत्र दिवस पर जिलेवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
निष्ठा, सेवा और स्मृतियों से सजी विदाई: आचार्य विजयव्रत कंठ को भावभीनी सम्मान-समारोह में दी गई विदाई
समृद्धि यात्रा का सातवां पड़ाव: मुजफ्फरपुर को 850 करोड़ की विकास सौगात देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बजट 2026-27 पर सियासी घमासान: रोहिणी आचार्य ने उठाए रोजगार और आय बढ़ोतरी पर सवाल, एनडीए नेताओं ने गिनाईं उपलब्धियां
- Reporter 12
- 01 Feb, 2026
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए आम बजट 2026-27 को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। जहां सत्ता पक्ष इसे विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष ने बजट को आम जनता से कटा हुआ करार दिया है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि बजट में बड़े-बड़े दावे तो किए गए हैं, लेकिन आम नागरिक के जीवन में वास्तविक बदलाव कैसे आएगा, इस पर कोई ठोस तस्वीर सामने नहीं रखी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बात कही जा रही है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने की स्पष्ट रणनीति बजट में दिखाई नहीं देती।उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने की घोषणा तो की गई है, लेकिन देश की विशाल शिक्षित और गैर-शिक्षित युवा आबादी के लिए वास्तविक रोजगार सृजन किन क्षेत्रों में और किस रूप में होगा, इसका कोई ठोस रोडमैप पेश नहीं किया गया। उनके मुताबिक बेरोजगारी आज देश की सबसे गंभीर समस्या है, लेकिन बजट में इस मुद्दे पर स्पष्ट दिशा का अभाव निराशाजनक है।रोहिणी आचार्य ने बिहार से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि राज्य के लिए बाढ़ प्रबंधन, बाढ़ की रोकथाम, बाढ़ के बाद पुनर्वास और सिंचाई संसाधनों के विकास के लिए विशेष पैकेज की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन बजट में इसके लिए कोई अलग और ठोस प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने इसे बिहार की जरूरतों की अनदेखी बताया।वहीं दूसरी ओर एनडीए खेमे ने बजट का जोरदार बचाव किया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह बजट 2047 के विकसित भारत की नींव रखने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई स्पीड रेल, जल मार्ग, मत्स्य पालन और अन्य विकास परियोजनाओं पर विशेष फोकस किया गया है, जिससे आने वाले वर्षों में देश की तस्वीर बदलेगी।केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी बजट को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण और शहरी विकास के साथ-साथ आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया है। उनके अनुसार यह बजट न केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखता है, बल्कि भविष्य के भारत के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है।बजट 2026-27 को लेकर इस तरह साफ है कि जहां विपक्ष इसे खोखले वादों का दस्तावेज बता रहा है, वहीं सरकार इसे विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निर्णायक कदम मान रही है। अब आने वाले समय में यह साफ होगा कि बजट के प्रावधान जमीन पर कितनी तेजी और प्रभाव के साथ उतरते हैं।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *







